शनिवार, 16 जुलाई 2011

पूर्णा का बैलेंसिंग एक्ट



पूर्णा जगन्नाथन, यह नाम भले ही आज तक अनजाना हो लेकिन फिल्म "डेल्ही बेली' के रिलीज होते ही यह नाम सुर्खियों में आ गया। इमरान खान को दो-दो बार किस देते हुए पूर्णा जरा भी नहीं हिचकाई। अमेरिका में टीवी शोज और थिएटर कर चुकीं पूर्णा ने बताया-

अमेरिका में मैं कई टीवी शोज का हिस्सा रह चुकी हूं। इन टीवी शोज के नाम हैं - "रॉयल पेन', "लॉ एंड ऑर्डर' और "गेम एंड रेस्क्यू मी'। हाल ही मैंने एक इंग्लिश फिल्म "पीस, लव एंड मिसअंडरस्टैंडिंग' की शूटिंग भी पूरी की है।

यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी। इसमें मेरा रोल भले ही छोटा है लेकिन आप मुझे हर फ्रेम में डिफरेंट एंगल्स से स्मोक करते हुए ही देखेंगे। मैं न्यूयॉर्क में थिएटर भीक रती हूं। "डिनर विद फ्रेंड्स' नामक प्ले अक्टूबर में करने जा रही हूं।


अमेरिका में एक चैरिटी इवेंट में मैंने भारत के लिए दो फ्लाइट टिकट जीते थे। मैं दरअसल यहां अपने कजिन की शादी के लिए आई थी। शादी के दौरान ही मैं अपने पुराने दोस्त से मिली, जो किसी लीडिंग मैग्जीन में फैशन एडिटर है। उस समय वह "डेल्ही बेली' के कास्ट्यूम पर काम कर रहा था। उसी ने मुझे मनाया और मैं फिल्म के ऑडिशन के लिए चली गई। जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ा तो मुझे लगा कि इसकी राइटिंग में जादू है। फिर मैंने चार-पांच ऑडिशन दिए और मुझे चुन लिया गया।

आप भले ही विश्वास ना करें लेकिन फिल्म के लिए जो पहला सीन मैंने शूट किया, वह किसिंग सीन था। सबसे अंत वाला, जब मैं कार ड्राइव कर रही हूं और इमरान मुझे कार की खिड़की से किस कर रहा है। यह बेहद मुश्किल भरा था क्योंकि मूविंग कार में इमरान को जंप करने के बाद मुझे किस करना था। इस सीन के लिए कई रीटेक्स करने पड़े क्योंकि डिफरेंट एंगल्स से इसे शूट करना था। इसे बैलेंसिंग एक्ट कह सकते हैं।

मैं किसी भी रोल को अपनी परफॉरमेंस के आधार पर साइन करती हूं। मुझे महसूस होना चाहिए कि मैं उस परफॉरमेंस को विश्वास करने लायक बना पाऊं। इस फिल्म को शूट करते समय मैंने फ्लूएंटली हिंदी बोलने की कोशिश की। एक सीन में मुझे देर तक हिंदी बोलनी थी, उसमें मुझे दिक्कत आई। इसमें दो-तीन सीन मिले हुए थे। उसके लिए मुझे काफी रिहर्सल करना पड़ा था। आज खुशी होती है कि वह सीन अच्छे से स्क्रीन पर आया।

मैंने कभी भी बॉलीवुड में आने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन मैं यहां हूं। यही वजह है कि मैं कर्म पर विश्वास करती हूं। इसलिए कभी भी किस्मत के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। मैं मेहनती हूं और अब किस्मत पर भरोसा भी करती हूं। जिसे जो होना है, वह सही समय पर होकर रहेगा।

मीरा नायर, जोया अख्तर, सूनी तारापोरेवाला, किरण राव और अनुराग कश्यप का काम मुझे पसंद है। एक्टर्स में अभय देओल पसंद हैं। उनकी स्टाइल मुझे पसंद है, उनके साथ मैं खुद को रिलेट कर पाती हूं। शबाना आजभी मुझे अच्छी लगती हैं, उनकी परफॉमरेंस देखकर ही मैं बड़ी हुई हूं। कोंकणा सेनशर्मा के परफॉरमेंस के लिए मैं उनकी फैन हूं।

मैंने "डेल्ही बेली' के बाद अभी तक कोई फिल्म नहीं साइन की है। इस समय "डिनर विदफ्रेंड्स' और टीवी शो "रॉयल पेन' पर मेरा ध्यान है।

बुधवार, 13 जुलाई 2011

ड्रेसेज की दीवानी वहबिज


वहबिज दोराबजी इन दिनों पंछी के रोल में धारावाहिक "प्यार की ये एक कहानी' में दिख रही हैं। रील लाइफ में तो उन्हें फैशन कॉन्शस नहीं दिखाया गया है लेकिन रियल लाइफ में उन्हें ड्रेसेज से प्यार है। वहबिज का रियल फैशन फंडा जानिए-

फैशन कंफर्ट का नाम है। मैं उनमें से नहीं हूं, जो फैशन को फॉलो करते हैं। मैं वही पहनती हूं, जो कैरी कर सकती हूं।

अपने लिए तो ट्रेंडी शॉपिंग मैं ही करती हूं। मेरे मॉम और डैड बहुत ट्रैवल करते हैं तो मेरे लिए कई चीजें वे खरीद लेते हैं।

एक्सेसरीज से मुझे प्यार है। खासकर बड़े चंकी इयररिंग्स मुझे बहुत पसंद आते हैं, मेरे पास इनका बड़ा कलेक्शन है। इनके अलावा मुझे रिंग्स और डायमंड्स का भी बहुत शौक है।

कोई खास ब्रांड मैं फॉलो नहीं करती। हां, मुझे गेस के स्टफ्स पसंद आते हैं।

थाईलैंड और लंदन में शॉपिंग करना मुझे अच्छा लगता है। वहां कई ट्रेंडी चीजें मिल जाती हैं।

बहुत महंगी चीजें तो कम ही खरीदती हूं। मेरे पास सबसे महंगे दो गाउन्स हैं, जिन्हें मैंने मैंगो से 10,000 रुपये में खरीदा था।

मुझे ड्रेसेज, शॉर्ट ड्रेसेज और बोहेमियन ड्रेसेज पसंद आते हैं। पार्टीज में मैं यही पहनती हूं।

मनीष मल्होत्रा मेरे फेवरेट डिजाइनर हैं, उनकी ड्रेसेज कमाल की होती हैं।

मेरे वैलेट में डेबिट काड्र्स और साईं बाबा की फोटो रहती है।

परफ्यूम्स मुझे पसंद हैं। इस समय मैं लेडी मिलियन यूज कर रही हूं।

मेरे वॉर्डरोब में पिंक कलर ही मिलेंगे। सेट पर भी सब मुझे पिंकी कहकर टीज करते हैं।

रबड़ी के दीवाने करण ग्रोवर


टीवी पर डबल रोल में दिख रहे करण ग्रोवर रियल लाइफ में फूड लवर हैं। धारावाहिक "यहां मैं घर-घर खेली' में करण और रंछोड़ के रोल में दिख रहे करण ग्रोवर ने बताया अपना फूड फंडा-


डिनर लाइट ही करता हूं। लो कार्बोहाइड्रेट लो और हाई प्रोटीन वाला फूड लेता हूं। ये मुझे हेल्दी और फिट रखते हैं।

मैं मानता हूं कि काफी हद तक फूड हमारे जीवन का हिस्सा है लेकिन यदि आप अपनी डाइट में बैलेंस नहीं बना पाते हैं तो यह हमारे हेल्थ के लिए सही नहीं है।

मैंने सी फूड ट्राई किया है। रेड मीट भी खाया है लेकिन मुझे नॉन-वेज में सिर्फ चिकन ही पसंद आता है।

खाने में मुझे पंजाबी और चाइनीज फूड ही अच्छा लगता है। इसके अलावा खूब सारे बटर और ऑयल वाला अनहेल्दी फूड देखते ही मेरे मुंह में पानी आ जाता है।

मेरा फेवरेट फूड राजमा-चावल है।

मेरा फेवरेट रेस्टोरेंट फोर सीजन्स होटल का एयर रेस्टोरेंट है, इसका एंबयिंस ग्रेट है। इससे भी बड़ी खास बात यह है कि यह रेस्टोरेंट 32वें फ्लोर पर है, जहां से सिर्फ ब्लैंक स्पेस दिखता है। यानी कि आप सिर्फ लजीज खाना और मधुर संगीत का मजा ही ले पाएंगे, जिसके लिए मैं वहां जाता हूं।

मेरे ब्रोकफास्ट टेबल पर दूध जरूरी है। बिना दूध पिए मुझे अपना ब्रोकफास्ट अधूरा लगता है।

अपनी चाय या कॉफी में मैं चीनी ही लेता हूं। शुगर फ्री या बिना चीनी की चाय/कॉफी मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं।

मेरे लंच में अममून भर्ता, रोटी औ चने की दाल होती है। यह सब मेरे घर का बना होता है।

डिनर में पास्ता, सूप या ग्रिल्ड चिकन/चिकन टिक्का लेता हूं। कोशिश करता हूं कि डिनर लाइट ही हो।

रसमलाई, रबड़ी, चॉकलेट मूज, मड पाई और चॉकलेट मार्बल केक के नाम से मेरे मुंह में पानी आ जाता है। इन्हें जितना भी खाऊं, कम ही लगता है। इन सबमें राबड़ी मुझे सबसे अधिक पसंद है।

मैं नन-अल्कोहलिक ड्रिंक पीना पसंद नहीं करता। लेकिन नींबू-पानी को ना नहीं कर पाता।

लद्दाख में मैंने पाव-भाजी खाई थील जिसका स्वाद अजीब सा था। एक कटोरी में ही चार तरह की भाजी थी और सिर्फ एक पाव, जिसे खाना मेरे लिए बहुत मुश्किल रहा।

मैं फूड के साथ बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं करता। मैं जिस तरह की थाली खाता हूं, वैसा ही खाना चाहता हूं।

मुझे स्ट्रीट फूड्स पसंद नहीं लेकिन सादा डोसा या इडली सांबर खा सकता हूं।

मैं खाना नहीं सिर्फ कहानियां पकाता हूं। हां, इस बात का ध्यान जरूर रखता हूं कि जो मेरे साथ रहते हैं, मेरे हिसाब से खाना जरूर पकाएं।

किसिंग एक्सपर्ट : अरुणोदय सिंह


"ये साली जिंदगी' में बेहतरीन एक्टिंग और किसिंग सीन दे-देकर अरुणोदय सिंह ने अपना नाम और काम दोनों दर्ज करा लिया। इस फिल्म के अलावा अरुणोदय "मिर्च' और "सिकंदर' में भी अपनी एक्टिंग से प्रभावित कर चुके हैं। उन्हें ऐश्वर्या राय के साथ मधुर भंडारकर की फिल्म "हीरोइन' के लिए भी साइन किया गया था, जो अब नहीं बन रही है। इस फिल्म के बंद हो जाने से अरुणोदय के करियर को नकुसान तो हुआ है लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। पिछले दिनों फिल्म "एक बुरा आदमी' की शूटिंग के बिजी अरुणोदय से बातचीत-


"एक बुरा आदमी' को साइन करने की क्या वजह रही?
इशराक शाह निर्देशित यह फिल्म पॉलिटिकल थ्रिलर पर आधारित है। मेरे किरदार का नाम मुन्ना सिद्दिकी है, जो अच्छे परिवार का नालायक बेटा है। वह पॉलिटिकल पावर को हासिल करना चाहता है। इस फिल्म में रघुवीर यादव, यशपाल शर्मा, किट्टु गिडवानी जैसे मंझे हुए एक्टर्स हैं। मेरे अपोजिट नई एक्ट्रेस अंगीरा हैं।


क्या वजह है कि आप एक के बाद एक निगेटिव रोल्स करते जा रहे हैं?
इसमें मेरा रोल निगेटिव नहीं है। फिल्म की थीम यह है कि हर व्यक्ति के अंदर बुरा इंसान छिपा रहता है। देखिए, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि रोल पॉजिटिव है या निगेटिव, बस उसे दमदार होना चाहिए।


क्या रोमांटिक और नाचने-गाने वाली फिल्में पसंद नहीं आतीं?
कई लोग वैसी फिल्में करते हैं। मैं करूं या ना करूं, क्या फर्क पड़ता है। वैसे मैंने अपने लिए कोई लिमिट नहीं तय की है। बस जिस तरह की फिल्में मिल रही हैं, उनमें से जो मुझे अपील करती हैं, कर लेता हूं। यह भी कि जो रोल मुझे मिल रहे हैं, उन्हें मैं अच्छे से कर पाता हूं, ऐसा मुझे लगता है।


ऐसा तो नहीं कि आप इमरान हाशमी का रिकॉर्ड ब्रोक करने की कोशिश में लगे हैं?
बिल्कुल नहीं। मेरा नाम अरुणोदय सिंह है, इमरान हाशमी नहीं। दूसरी बात यह कि आज किस फिल्म में किसिंग सीन नहीं होते हैं। मुझे किसिंग सीन करने में कोई दिक्कत नहीं है, यह भी मेरे काम का हिस्सा ही तो है।


किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले किन बातों पर ध्यान देते हैं?
सबसे पहले तो फिल्म की कहानी पर नजर डालता हूं। यदि कहानी जबरदस्त हो तो फिल्म के चलने के चांसेज रहते हैं। इस फिल्म की कहानी भी काफी अच्छी है, इसलिए जब इशराक ने मुझे इसकी कहानी सुनाई तो मैंने तुरंत हां कर दिया। आपको बता दूं कि इशराक गुलजार साहब के सहायक रह चुके हैं तो उन पर मेरा कुछ ज्यादा ही यकीन है।


"एक बुरा आदमी' के अलावा और किन फिल्मों में काम कर रहे हैं?
"बुद्ध इन ट्रैफिक जाम' विवेक अग्निहोत्री की फिल्म है, जो इस समय मेरे पास है। इसमें अनुपम खेर के अलावा माही गिल है।

सजन रे झूठ मत बोलो में मानसून की मस्ती


सभी को बारिश का इंतजार है और सब टीवी के शो सजन रे झूठ मत बोलो के कलाकारों को तो बेसब्री से बारिश का इंतजार था। बारिश की पहली फुहार के साथ ही सेट पर मस्ती का आलम छा गया और सभी मस्ती में झूमने लगे। सुमित राघवन, टिकू तलसानिया, मेलिसा पाइस, राजीव ठाकुर, मनोज गोयल एवं सुकेश आनंद ने इस शाम को खास बनाने का निर्णय लिया और सभी कलाकारों के लिये चाय-पकौड़ा पार्टी का आयोजन किया। स्वादिष्ट पकौडों एवं चाय के साथ सेट का माहौल बहुत खुशगवार हो गया था और सभी इसका आनंद ले रहे थे।
सुमित राघवन ने कहा कि ''मानसून का मौसम मुझे बहुत अधिक पसंद है, खासकर जब मैं अपने दोस्तों के साथ बारिश में बाहर होता हूँ और इस मौसम में चाय और पकौड़े की बात ही कुछ और है। सजन रे के सभी कलाकार परिवार की तरह हैं और हमें शूटिंग से बहुत ही मुश्किल से फुर्सत मिलती है इसलिये इस प्रकार मिलने-जुलने से हम तरोताजा हो जाते हैं और सेट का वातावरण भी अच्छा हो जाता है।"" मेलिसा पायस ने कहा कि ''मानसून में अपने मित्रों के साथ समय बिताना पसंद करती हूँ। हम सब जब भी सेट पर इक्कठे होते हैं तो यही विचार आता है। साथ बैठकर चाय की चुस्की के साथ मिर्ची के पकौड़े खाने का अपना एक अलग आनंद है।''

सोमवार, 11 जुलाई 2011

अविनाश की दूसरी पत्नी रुबीना



जी टीवी के छोटी बहू के देव यानी अविनाश सचदेव ब्लैकबैरी फोन के बिना रह नही सकते हैं। जो कोई भी ब्लेकबैरी को अपनाता है, जानता है कि यह कैसे अपने जीवन को सरल और आसान बना देता हैं। तो एक डिवाइस के बारे में क्या बुरा हो सकता हैं, जो वास्तविक समय में आपके संदेशो को पहुँचाता हैं, कहीं भी वेब सर्फिंग की सुविधा देता है और मीटिंग्स के बीच गेम्स के माध्यम से आपका मनोरंजन करता है। यदि आप सावधान नही है, तो यह आपके जीवन पर हावी हो सकता है। परंतु अविनाश का यह बीबी (ब्लैकबैरी) एडिक्शन काफी ज्यादा है। यह शो के सेट पर एक बाधा बन गया हैं। अविनाश तो उनके ब्लैकबैरी में इतना लीन हो जाते हैं कि वह शॉट के लिए समय पर तैयार होना भूल जाते है, अपने ड़ायलॉग्स भूल जाते हैं और अपने ब्लेकबैरी में इतने व्यस्त होते हैं कि ठीक से भोजन भी नही कर पाते हैं।"" उनकी मंगेतर रुबीना कहती हैं, ''अविनाश ब्लैकबैरी के आदी हैं। यहाँ तक कि बाथरुम में भी वह अपना फोन ले जाते हैं। उनका फोन लगातार बजता रहता है और वे धैर्यपूर्वक हर पिंग का जवाब देते रहते हैं। मुझे यह कभी-कभी बहुत परेशान करता हैं। मनोरंजन जगत में होने के नाते, हम बहुत ही कम समय एक दूसरे के साथ बीता पाते हैं और अब इस फोन की वजह से मुझे ऐसा लगता है कि अविनाश ने अपने फोन से शादी कर ली है। और जब हमारी शादी होगी तो तब मैं उनकी दूसरी पत्नी रहुँगी। "" अविनाश का कहना है, ''मैं सिर्फ डिवाइस से प्यार करता हूँ। इसके साथ कनेक्टिविटी इतनी आसान हो गई है। मैं फोन को छोड़ नही सकता। मुझे लगता है कि यह मेरे जैसे लोगों के लिए बना है, जिनमें हमेशा जुड़े रहना पसंद है। ""

मनीष पॉल का सपना हुआ पूरा


हम उन्हें हंसमुख व्यक्ति के रुप में जानते हैं जो सुपर हिट शो जैसे जी टीवी के डीआईडी लिटिल मास्टर्स व हीरो होंडा सा रे गा मा पा सिंगिंग सुपरस्टार्स के एंकर रह चुके हैं और कई टीवी अवॉर्ड समारोह में नजर आ चुके हैं। मनीष इस साल जी टीवी के डीआईडी लिटिल मास्टर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ एंकर का पुरस्कार भी जीत चुके हैं। उनकी खुशी तब और बढ़ी, जब इस साल उनका पुरस्कार समारोह में प्रस्तुति देने की लंबे समय की इच्छा चौथे बोरोप्लस गोल्ड अवॉर्ड्स 211 पूरी हुई। रिपोर्ट यह है कि मनीष ने स्टेज पर आते ही दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और अपने पसंदीदा मूवी स्टार अक्षय कुमार के गानों पर कॉमिकल डांस किया। मनीष ने कलंगी के साथ कलरफुल 'तीस मार खां" पोशाक पहनी और अभिनेता के ट्रेडमार्क तिकड़मी स्टंट के साथ खिलाड़ी कुमार की अनोखी शैली से परिपूर्ण मजाकिया नकल की।

मनीष ने कहा- ''डांस इंडिया डांस की मेजबानी करते हुए, मेरी हमेशा से डांस करने की चाह था लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। मैं एक डांसर बतौर कभी गंभीरता से नहीं लिया गया और अपना बेहतर देकर मैं डेब्यू स्टेज एक्ट से सभी को गलत साबित करना चाह रहा था। मुझे इस समारोह में लोगों की प्रतिक्रिया बहुत पसंद आई। मुझे आशा है कि टीवी के दर्शकों इसका बहुत आनंद लिया होगा।""

मनीष, यह आगे जाने के लिए रास्ता है। अभी तक हमने आपमें केवल एक हास्य अभिनेता ही देखा था, लेकिन अब हमें लगता है कि डांस रियेलिटी शो के निर्माता आपके लिए रास्ता बना सकते हैं। मनीष पॉल को रविवार, 17 जुलाई 211 को रात 8 बजे केवल जी टीवी पर 'चौथे बोरोप्लस गोल्ड अवार्ड्स" में थिरकते हुए देखिए।