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बुधवार, 27 जुलाई 2011

सविता प्रभुणे का दर्द


जी टीवी के सीरियल पवित्र रिश्ता के हाल ही में शूट किए गए एपिसोड़ ने अनुभवी अभिनेत्री सविता प्रभूणे को रुला दिया। जाहिर हैं, शो के करंट टै्रक में सविता प्रभुणे के किरदार, सुलोचना को उनकी बहु मंजुषा घर से बाहर निकाल देती हैं। सविता के इस किरदार ने अपने सभी प्रिय पड़ोसियों से अलविदा किया जिनके साथ उनका जीवनभर का संबंध था। इस अत्यंन्त कष्टदायी सीन को शूट करते वक्त सविता अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकी, और अंत में उन्होंने वास्तविक भावनाओं आवेग के साथ इस सीन को पूरा किया। सेट के अंदरुनी सूत्रों से पता चला हैं कि पहले ही टेक में सीन ओके होने के बाद, बहुत लंबे समय तक वह अपना चेहरा ढ़ककर रोती रही। सेट पर सभी बहुत चितिंत थे, जब तक सविता ने अपना मानसिक संतुलना हासिल नहीं कर लिया। इस स्थिति से निकलने के लिए अंतिम उपाय के रुप में, सुशांत राजपुत ने सुझाव दिया कि उन्हें उनकी बेटी से फोन पर बात करवाना चाहिए। इससे सविता का मूड़ काफी बेहतर हो गया, इसके बाद शूटिंग फिर सुचारु रुप से चलने लगी। अपने इस आवेग के बारे में बोलते हुए प्रभुणे ने कहा, ''यह समकालिन भारत की एक दुखद वास्तविकता हैं कि कोई अपने माता-पिता को नजरअंदाज करता है क्योंकि वे उन्हे तकलीफ देह लगने लगते हैं। लेकिन देखते हुए कि यह कैसे बड़े पैमाने पर बढ़ रहा है, अब समय आ गया है हमें इस मुद्दे पर चर्चा करनी होगी। आजकल परिवारों में अपने बुजुर्ग माता पिता को वृद्धाश्रम में भेजने की घटनाएं बढ़ गई हैं। यह मामला और भी बदतर हो जाता हैं जब उन्हें कुटीया समान आश्रयों में छोड़ दिया जाता हैं, सिर्फ इसलिए कि बुजुर्ग लोग घर में तथाकथित 'उपदवी" होते हैं। सभी को अपने माता पिता के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए, क्योंकि वे हमें अच्छा जीवन देने के लिए कठिन प्रयास करते हैं।"" क्या खूब कहा सविता! चलिए आशा करते हैं कि दूसरे लोग भी आपकी तरह सोचना शुरु कर दें।